सोनम वांगचुक का फेसबुक पोस्ट: ‘छात्रों पर कानूनी कार्रवाई न करने का मिले आश्वासन, तभी तोडूंगा अनशन’
नई दिल्ली:
पेपर लीक मामले और शिक्षा सुधारों को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे मशहूर शिक्षाविद और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक ने अपने आधिकारिक फेसबुक प्रोफाइल (Facebook Profile) पर एक पत्र साझा कर बड़ा बयान दिया है। फेसबुक पर शेयर की गई इस अपील में उन्होंने केंद्र सरकार के सामने अपना अनशन समाप्त करने की अंतिम शर्त रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार प्रदर्शनकारी युवाओं पर कोई दंडात्मक या कानूनी कार्रवाई न करने का लिखित भरोसा देती है, तो वह अपना अनशन खत्म कर देंगे।
फेसबुक पत्र में केंद्रीय मंत्रियों से वार्ता का जिक्र
सोनम वांगचुक ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि अस्पताल में उनसे मिलने पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा और राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के वे आभारी हैं। फेसबुक पत्र के अनुसार, मंत्रियों ने उनके साथ बातचीत में दो प्रमुख मांगों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया है:
मुआवजा: परीक्षा पेपर लीक के कारण तनाव में आकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा प्रदान करना।
संसद में चर्चा: शिक्षा व्यवस्था की धांधली पर संसद में जवाबदेही तय करने के लिए विस्तृत चर्चा, जिसमें शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर विचार भी शामिल है।
’चलो संसद’ मार्च और फेसबुक के जरिए युवाओं की चिंता


अपने फेसबुक संदेश में वांगचुक ने 20 जुलाई को आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च का उल्लेख करते हुए लिखा कि पुलिस द्वारा बल प्रयोग के बावजूद छात्रों का प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। उन्होंने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से चिंता जताई कि अपनी आवाज उठाने वाले इन मासूम युवाओं को किसी कानूनी केस, पुलिस उत्पीड़न या दंडात्मक कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
65 सांसदों की अपील और अनशन खत्म करने की मुख्य शर्त
फेसबुक पर साझा किए गए पत्र में वांगचुक ने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों ने उनसे अनशन खत्म करने की अपील की है। इस पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने फेसबुक पर लिखा:
”मैं जीना चाहता हूँ और अपने छात्रों व शिक्षा के क्षेत्र में वापस लौटना चाहता हूँ। लेकिन मैं उन युवाओं के भविष्य की कीमत पर ऐसा नहीं कर सकता, जिनके लिए यह आंदोलन शुरू हुआ है। सरकार से मेरी यही गुजारिश है कि वह स्पष्ट आश्वासन दे कि इस आंदोलन में भाग लेने वाले किसी भी युवा पर कोई कानूनी या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं होगी।”
मांग न मानने पर अनशन जारी रखने की चेतावनी
सोनम वांगचुक ने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर साफ किया कि यदि सरकार यह आश्वासन देती है, तो वह पूरे विश्वास के साथ अपना अनशन समाप्त कर देंगे। हालांकि, ऐसा न होने पर वह अपना अनशन अनिश्चितकाल के लिए जारी रखने को मजबूर होंगे। पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा कि लोकतंत्र का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि वह अपने उन युवाओं के साथ कैसा बर्ताव करता है जो हिम्मत और सच्चाई के साथ अपनी आवाज उठाते हैं।




