दिल्ली सरकार की लक्ष्मी योजना को शुरुआत से ही महिलाओं का अच्छा समर्थन मिल रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के शनिवार को पोर्टल लॉन्च करने के बाद से रविवार रात दस बजे तक 1,47,225 महिलाओं ने पंजीकरण करा लिया। इनमें से 10,286 आवेदनों की प्रक्रिया पूरी कर अंतिम रूप से जमा भी कर दी गई है।
पोर्टल शुरू होने के बाद से लगातार बड़ी संख्या में महिलाएं ऑनलाइन आवेदन कर रही हैं। योजना शुरू होने के पहले 24 घंटे में ही 59 हजार से अधिक पंजीकरण हुए थे। इसके बाद रविवार को भी रफ्तार बनी रही और कुल पंजीकरण का आंकड़ा 1.47 लाख के पार पहुंच गया। छुट्टी के दिन भी पंजीकरण की रफ्तार बनी रही।
लक्ष्य तक जल्दी पहुंचने के संकेत
दिल्ली सरकार ने इस योजना के तहत करीब 17 लाख महिलाओं को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। शुरुआती दो दिनों में जिस तेजी से पंजीकरण हुए हैं, उससे संकेत मिल रहे हैं कि यदि यही गति बनी रही तो अगले एक सप्ताह से दस दिनों के भीतर पंजीकरण सरकार के अनुमान के करीब पहुंच सकता है। ऐसे में यह योजना दिल्ली सरकार की सबसे तेजी से लोकप्रिय होने वाली योजनाओं में शामिल हो सकती है।
ऑनलाइन प्रक्रिया पर बढ़ा भरोसा
आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि महिलाओं ने ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पर भरोसा जताया है। बड़ी संख्या में आवेदकों ने केवल पंजीकरण ही नहीं कराया, बल्कि आवेदन की पूरी प्रक्रिया पूरी कर उसे अंतिम रूप से भी जमा किया। इससे आने वाले दिनों में आवेदन संख्या में और तेजी आने की संभावना है।
योजना पर सियासी घमासान भी…
10 साल की शर्त से पूर्वांचलियों को बाहर कर रही भाजपा : सौरभ भारद्वाज
आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने लक्ष्मी योजना की शर्तों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि 10 साल के दिल्ली निवास की शर्त लगाकर पूर्वांचल की महिलाओं को योजना से बाहर किया जा रहा है। सांसद या विधायक के हस्ताक्षर अनिवार्य किए जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अन्य सरकारी योजनाओं में सेल्फ-अटेस्टेड दस्तावेज स्वीकार किए जाते हैं। भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई मंत्री अन्य राज्यों से हैं, फिर भी ऐसी शर्तें लगाई गई हैं। उन्होंने पिंक कार्ड की अनिवार्यता पर भी आपत्ति जताते हुए सरकार से सभी भेदभावपूर्ण शर्तें वापस लेने की मांग की।
योजना की शर्तें गरीब महिलाओं के साथ धोखा: मुकेश शर्मा
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक मुकेश शर्मा ने दिल्ली सरकार की लक्ष्मी योजना को गरीब महिलाओं के साथ धोखा बताया। उन्होंने कहा कि 10 वर्ष के स्थायी निवास, आय, बिजली बिल और अन्य पात्रता शर्तों के कारण किरायेदार, प्रवासी, झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले मजदूर और कई जरूरतमंद महिलाएं योजना से वंचित रह जाएंगी। शर्मा ने तीन से अधिक बच्चों वाले परिवारों को बाहर रखने पर भी सवाल उठाया। उनका दावा है कि सरकार ने 17 लाख महिलाओं को लाभ देने की बात कही, लेकिन जटिल प्रक्रिया के कारण अब तक बहुत कम आवेदन ही पूरे हो सके हैं।
तथ्यों की अनदेखी कर भ्रम फैला रही आप : कपूर
दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज की टिप्पणियों पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने आरोप लगाया कि सौरभ भारद्वाज तथ्यों की अनदेखी कर जनता को भ्रमित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की “बहन-बेटी योजना” की तरह दिल्ली लक्ष्मी योजना में भी स्थायी निवास संबंधी पात्रता शर्तें स्वाभाविक हैं। कपूर ने याद दिलाया कि वृद्धावस्था और विधवा पेंशन जैसी योजनाओं में भी निवास अवधि की शर्त पहले से लागू है। विधायक की सिफारिश संबंधी व्यवस्था भी 2018 में केजरीवाल सरकार ने ही लागू की थी।




