
रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और दूरसंचार इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स का ₹30,213 करोड़ के आईपीओ के लिए पहले और दूसरे दिन के बाद आज तीसरे व अंतिम दिन भी निवेशकों का उत्साह जारी है। बुधवार को बोली खुलने के महज 100 मिनट के भीतर यह मेगा इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था। भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास में इतनी बड़ी राशि के आईपीओ के लिए एक नया रिकॉर्ड है। हुंडई मोटर इंडिया के ₹27,870 करोड़ के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन गया है।
तीसरे दिन किस कैटेगरी में कितना सब्सक्रिप्शन?
सब्सक्रिप्शन के आखिरी दिन शाम छह बजकर 24 मिनट तक के आंकड़ों के अनुसार अब तक यह इश्यू कुल 20.90 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। सबसे शानदार रिस्पॉन्स क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) की तरफ से आया है, जिनका हिस्सा 65.40 गुना भर गया है। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) ने 13.99 गुना और रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स (RIIs) ने 2.70 गुना बोलियां लगाई हैं। शेयरधारकों और कर्मचारियों के आरक्षित कोटे में भी लगातार वृद्धि दर्ज की गई है, जो क्रमशः 7.58 गुना और 2.91 गुना सब्सक्राइब हुए हैं।
| निवेशक श्रेणी (Investor Category) | ऑफर किए गए शेयर | कुल बोलियां (Bids) | सब्सक्रिप्शन (गुना) |
| क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) | 4,90,07,827 | 3,20,49,12,324 | 65.40 |
| नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) | 3,64,44,569 | 50,98,02,648 | 13.99 |
| रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स (RIIs) | 8,50,37,327 | 22,96,24,680 | 2.70 |
| कर्मचारी (Employees) | 46,94,835 | 1,36,59,984 | 2.91 |
| शेयरधारक (Shareholders) | 2,23,41,376 | 16,92,99,252 | 7.58 |
| कुल (Total) | 19,75,25,934 | 4,12,72,98,888 | 20.90 |
एंकर निवेशकों के हिस्से में कंपनी ने आईपीओ खुलने से पहले एलआईसी, ब्लैकरॉक और फिडेलिटी जैसे प्रमुख घरेलू व वैश्विक संस्थानों से ₹8,110 करोड़ जुटाए हैं, जबकि एंकर बुक के लिए करीब ₹2.5 लाख करोड़ की मांग आई थी।
जियो आईपीओ क्यों बना खास?
इन्वेस्टर की बहुत ज़्यादा हिस्सेदारी ने एक नया ग्लोबल बेंचमार्क सेट किया है, जो धीरूभाई अंबानी की विरासत और मुकेश अंबानी के वेल्थ क्रिएशन को डेमोक्रेटाइज करने और लाखों भारतीय इन्वेस्टर्स को मजबूत बनाने के विजन को आगे बढ़ा रहा है।
- ऐतिहासिक मील का पत्थर: जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ ने 1 करोड़ आवेदनों को पार कर लिया, जबकि इश्यू बंद होने में अभी पांच घंटे बाकी हैं।
- नया वर्ल्ड रिकॉर्ड: वारी एनर्जीज को मिले लगभग 97 लाख एप्लीकेशन के पिछले ग्लोबल रिकॉर्ड को पार कर गया।
- दूसरे बड़े IPO से आगे: बजाज हाउसिंग फाइनेंस और BCCL भारत के पिछले रिकॉर्ड बनाने वालों में से थे, जिन्हें लगभग 90 लाख एप्लीकेशन मिले थे।
- अभूतपूर्व निवेशक भागीदारी: 1 करोड़ आवेदनों का आंकड़ा पार करने वाला वैश्विक रूप से पहला आईपीओ बन गया, जो जियो प्लेटफॉर्म्स में मजबूत निवेशक रुचि को दर्शाता है।
- रिकॉर्ड अभी भी बढ़ रहा है: बिडिंग जारी रहने के साथ, फ़ाइनल एप्लीकेशन की संख्या और भी ज़्यादा ग्लोबल बेंचमार्क सेट कर सकती है। डिजिटल में शामिल होने का अनुरोध
ग्रे मार्केट प्रीमियम कितना है और लिस्टिंग के क्या संकेत मिल रहे हैं?
ग्रे मार्केट में रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को लेकर निवेशकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। 23 अक्तूबर 2026 तक के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी जीएमपी ₹246 पर पहुंच गया है। ₹1119 के तय अपर प्राइस बैंड के आधार पर, शेयर बाजार में इस आईपीओ की अनुमानित लिस्टिंग कीमत ₹1365 प्रति शेयर आंकी जा रही है। इसके अनुसार, निवेशकों को शेयर बाजार में कदम रखते ही इश्यू प्राइस पर लगभग 21.98% का मजबूत लिस्टिंग गेन मिलने की उम्मीद है, जो बाजार में कंपनी के प्रति सकारात्मक धारणा को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
इश्यू का आकार, प्राइस बैंड और सब्सक्रिप्शन की स्थिति क्या है?
कंपनी ने अपने इस सार्वजनिक निर्गम के लिए ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। ऊपरी प्राइस बैंड पर जियो प्लेटफॉर्म्स का कुल बाजार मूल्यांकन लगभग ₹10.3 लाख करोड़ बैठता है। 21 से 23 अक्तूबर तक खुले इस आईपीओ में संस्थागत और गैर-संस्थागत दोनों श्रेणियों में जोरदार मांग देखी गई।
ब्रोकरेज हाउस की क्या राय है? उनकी नजर में क्या मजबूत?
देश के प्रमुख ब्रोकरेज घरानों ने जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग दी है:
- मोतीलाल ओसवाल वेल्थ मैनेजमेंट: ब्रोकरेज ने लिस्टिंग गैन और लंबी अवधि के निवेश दोनों के लिए ‘सब्सक्राइब’ की सिफारिश की है। फर्म ने जियो के 53.33 करोड़ के विशाल ग्राहक आधार, इन-हाउस 5G तकनीक और 7,220 से अधिक पेटेंट आवेदनों को इसकी मुख्य ताकत बताया है।
- स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट: भारत की बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था, होम ब्रॉडबैंड के विस्तार और औसतन राजस्व प्रति ग्राहक (ARPU) में सुधार के दम पर ब्रोकरेज ने दांव लगाने की सलाह दी है।
- सेंट्रम ब्रोकिंग: ब्रोकरेज ने EBITDA के 12 गुना मल्टीपल पर कंपनी की इक्विटी वैल्यूएशन ₹11.5 ट्रिलियन (लाख करोड़) रहने का अनुमान लगाया है।
पिछले तीन वर्षों में कैसा रहा जियो का वित्तीय प्रदर्शन?
वित्तीय मोर्चे पर जियो प्लेटफॉर्म्स ने मजबूत वृद्धि दर्ज की है:
- राजस्व : कंपनी का परिचालन राजस्व वित्त वर्ष 2024 के ₹1,09,558 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में ₹1,46,885 करोड़ पर पहुंच गया।
- इबिटडा और मार्जिन (EBITDA): इबिटडा ₹54,341 करोड़ से बढ़कर ₹73,382 करोड़ हो गया, और इबिटडा मार्जिन बढ़कर 50% पर पहुंच गया।
- शुद्ध लाभ (PAT): शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2024 के ₹21,422 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में ₹30,064 करोड़ दर्ज किया गया।
- एआरपीयू (ARPU): प्रति ग्राहक औसत राजस्व FY24 के ₹181.7 से सुधरकर जून 2026 तिमाही में ₹215.6 हो गया है।
कंपनी केवल टेलीकॉम कनेक्टिविटी तक सीमित न रहकर क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सैटेलाइट ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज सॉल्यूशंस जैसे डिजिटल वर्टिकल्स में विस्तार कर रही है।
जियो प्लेटफॉर्म्स का ₹30,213 करोड़ का आईपीओ अपनी रिकॉर्ड साइज, रिकॉर्ड टाइम सब्सक्रिप्शन और मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के साथ भारतीय शेयर बाजार में नए रिकॉर्ड बना रहा है। 53.33 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं का मजबूत आधार, इन-हाउस 5G/6G और एआई तकनीक, और 50% का इबिटडा मार्जिन कंपनी को दीर्घकालिक डिजिटल क्रांति में सबसे आगे खड़ा करता है।




